Me (Anonymal) is yet another heart broken soul coming out of his den to roar.

Words are mine based on my own experiences, life was not mine based on these experiences.

  • वक्त के साथ बदला हूं पर रुका नहीं हूं। – A Poem by Anonymal
    Depression and Phobias are real thing, please help them out those who need… २ दशक हो गए, ये डर यूं पनप्ता रहा,ना कभी सोचा और ना कभी कोई मिला,कभी नहीं समझा किसी ने मुझे इस डर के साथ,बस चलता रहा और मुस्कुराता रहा चाहे कोई भी मिला। इस डर के साथ घुट-घुट के जीता रहा,डर…
  • Late but True Realisation!!! – A Poem by Anonymal
    उसे यकीन है की वो मुझसे बेइंतहां प्यार करती है,हां उसे यकीन है की वो आज भी मुझे उतना ही चाहती है,हां उसे यकीन है की आज भी में उसकी जान हूं,पर उसे आज भी में सिर्फ जरूरत में याद आता हूं। जब घर पे मां से बेहस हुई तब में याद आया,जब किसी दोस्त…
  • भूलूं तो क्या भूलूं! – A Poem by Anonymal
    मेरी रूह के ज़र्रे तक में तुम समाई हो,तुम्हे भूलूं तो क्या भूलूं, वो शाम,जब समंदर की लेहरे हमारे नंगे पैरों को छू रही थी,जब डूबते सूरज की रोशनी यूं मचल उठी थी,जब में तुममे और तुम मेरी बाहों में थी,क्या ये भूल जाऊ। या वो दिन,जब बंद कमरे की चार दीवारों के बीच तुमने…
  • Yes! I had many dreams – A Poem by Anonymal
    The sky was beautiful when we met,Though our love was undisclosed as yet,I started feeling for you,As the birds sang when we reset. The journey started with an amaze,Our love came out like a blaze,I let myself die for you,But still there was an empty place. The days went by like paper in the wind,Our…
  • Heart touching Randomness!!! – A Poem by Anonymal
    आज एक बहुत खूबसूरत सा वाख्या हुआ, चलो आप सब से बयां करता हो। एक बहोत ही खूबसूरत लड़की है वो,नादान है पर बहोत समझदार है वो,प्यार तो इतना भरा है उसमे की क्या बताऊं,पर ख्वाबों की दुनिया में रहती है वो। जानती सब है समझती भी सब है,पर ना जानके खुश रहने में विश्वास…

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